नया साल नई उम्मीदों, नई इच्छाओं, नई आशाओं तथा नई संभावनाओं को तलाशने के एक खूबसूरत मौका

 हम सभी लोग अपनी तमाम खट्टी-मीठी यादों के साथ 2020 को अलविदा कहते हुए, नई उम्मीदों और नए सपनों को साथ लिए 2021 में प्रवेश कर चुके हैं।

नये साल का अर्थ है नई उम्मीद नए सपने और नए लक्ष्य । उम्मीद में जीवन की आस हमारी इच्छा और आकांक्षा सब शामिल हैं। उम्मीद असल में जीवन को सहारा देने वाली और आगे बढ़ाने वाली अवस्था का नाम है। एक ऐसी अवस्था जो धुंध की तरह होती है उसमें कुछ साफ़ दिखाई नहीं देता लेकिन रौशनी का धोका रहता है । तो क्यों नहीं उसी रौशनी के धोके में हम सब अपने सपने के लिए, अपने उम्मीदों के लिए, अपने लक्ष्य के लिए संभावनाएं को तलाशें।

नये साल में प्रवेश के साथ आप तमाम छात्र-छात्राएं अपने लिए बहुत सारी नई उम्मीदें नए सपने और नए लक्ष्य निर्धारित किए होंगे। ठीक आप सभी छात्रों की तरह, पाठशाला परिवार के सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सदस्यगण भी नए साल में नई उम्मीदें लिए नए सपने लिए नए लक्ष्य निर्धारित किये हैं।

आप लोग सोच रहे होंगे इसमें नया बात क्या हैं ? ये तो स्वाभाविक हैं कि हर कोई अपनी बेहतरी के लिए अच्छे-अच्छे सपने देखता हैं, उसे पाने की भरपूर कोशिश करता हैं। हाँ आपने सही समझा।


परंतु इसके एक और पहलू हैं –

“हमारे सपने हमारे लक्ष्य हमारी उम्मीदें केवल हमारा नहीं अपितु आपका भी है, आपके ‘कर्तव्य बोध’ पर ही हमारे ‘अस्तित्व बोध’ का प्रश्न टिका है…..”

फिर देर किस बात की एक नए साल की नई सुबह के साथ आप छात्र-छात्रएं अपने कर्तव्यबोध के लिए और मैं और पूरी पाठशाला परिवार अपने अस्तित्व बोध के लिए, साझा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरे जी जान से लग जाए।

आप सभी को पता ही होगा देश के वर्तमान शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जी के द्वारा सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के साथ जेईई मेन 2020 परीक्षा की तिथियों की घोषणा की जा चुकी हैं। अक्सर देखा गया हैं परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही विद्यार्थियों के दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं, और वे तनाव में आ जाते हैं। उनकी तनाव की कई सारी कारण हो सकते हैं। वर्तमान परिस्थितियों में इसकी कई सारी वजहें हैं- मुख्य रूप से कोरोना जैसी महामारी, विद्यालय एवं कोचिंग संस्थान का लंबे समय तक बंद होना, आंतरिक मूल्यांकन समय-समय पर नहीं होने के कारण बच्चों में आत्मविश्वास की कमी, एकाएक डिजिटल क्लास की ओर झुकाव तालमेल का अभाव, घर में काफी लंबे समय तक रहना कोई फिजिकल एक्टिविटी का न होना, माइंड का रिफ्रेशमेंट न होना इत्यादि।

आपको पहले ही पंक्तियों में मैंने बताया कि

“जब परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हो, हाथ से सब कुछ निकल जाने के बाद भी हमें ज़िंदा रखती हैं तो वो हैं – उम्मीद ।"

इसी उम्मीद में हम सबको नई इच्छाओं, नई आशाओं तथा नई संभावनाओं को तलाशना हैं। अभी तक हमने अपने पिछले साल में क्या किया तथा हम उस साल मे कैसे रहे ? ये सारी दुखदायी स्मृतियों को मिटा दें। अपनी स्मृतियों से पूर्वाग्रहों को मुक्त करें। यह कठिन तपस्या है, फिर भी प्रयास करें। स्मृतियों को बोझ न बनने दें। स्मृतियों को प्रेरक बनाएं। अच्छी यादें प्रेरणा देती हैं, सुख देती हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि वर्तमान परिस्थिति हम सभी को नए तौर तरीके से जीने के लिए मजबूर कर रहा। मैं इसे सही भी मानता हूँ, हम सभी को समय और परिस्थिति के साथ अपने में बदलाव लाना चाहिए, ये डार्विन जी विकासवाद का सिद्धांत के द्वारा कह गए थे।

लेकिन हमें ये भी नहीं भूलना चाहिए जब बदलाव होती है सबसे ज्यादा उन्हें परेशानी होती हैं जो बदलाव के जंक्शन पर खड़ा हैं जैसे बोर्ड के परीक्षार्थी, अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राएं, इंजीनियरिंग एवं मेडिकल में प्रवेश परीक्षा के परीक्षार्थी जिसके पास सीमित अवसर हैं।

प्रकृति का विधान ऐसा है कि हर नये में सृजनात्मक संवेदना रची-बसी होती है। नया सौंदर्यबोध होता है। अंधकार के बाद उजाले की तरह, रात के बाद सुबह की तरह।

हर अच्छे बदलाव के साथ स्वयं को भी बदलें और हर नुकसानदायक बदलाव को रोकने की कोशिश करें।आपके पास पर्याप्त समय हैं। इसलिए नयी ऊर्जा, आशा और उत्साह के साथ तैयारी में लग जाएं।

हर चीज में नयापन तलाशें। नयी प्रेरणा से देखें। नयी आशा से देखें। नयी राह की ओर देखें। नये सपने देखें, मार्ग बनाएं और उस ओर चलना शुरू करें। इच्छाशक्ति को प्रबल करें। अपनी गलती को सुधारें, अतीत में हुई गलतियों का बहाना बनाना को त्याग करें। खुद पर भरोसा करें, भरोसे लायक बनें। विश्वास करें, विश्वास जीतें।

प्रयास करें कि हर दिन, हर सप्ताह, हर महीना सकारात्मक हो। ऊर्जादायक हो। स्वस्थ्य हो। सामथ्र्यवान हो। हर घड़ी शुभ फलदायी होगी, तो पूरा वर्ष यादगार बन जायेगा।

आज से अपने को बदलें। बदलते वक्त के साथ बदलें। बदलते तकनीक के साथ बदलें। हर दिन अपटूडेट हों। एक नई सुबह एक नई उम्मीद एक नया सपना इस नए साल में आपके स्वागत के लिए खड़ी हो बस इसी आशा के साथ आप सभी को नए साल के नई सुबह की हार्दिक शुभकामनाएं।

ई० मनीष कामति

Comments

Popular posts from this blog

ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय (एलएनएमयू) बीएड प्रथम एवं द्वितीय वर्ष विश्वविद्यालय परीक्षा पाठ्यक्रम

बिहार बीएड सीईटी पिछला वर्ष 2018 2019 2020 हल किया गया पेपर पीडीएफ डाउनलोड करें